Saturday, December 6, 2008

ज़िन्दगी में हर कोई कभी ना कभी ये ज़रूर सोचता है की आख़िर कब तलक ऐसा ही चलेगा। कुछ लोग आजकल देश की सुरक्षा के बारे में सोच रहे हैं की ऐसा कब तक चलेगा। कोई ये सोच रहा है की नौकरियों में मंदी का दौर कब तक चलेगा.भविष्य कोई नही जानता मगर बदलाव की शुरुआत ख़ुद से करनी है ये पक्का है.

2 comments:

वन्दना अवस्थी दुबे said...

क्या बात है,लम्बे समय से कोई पोस्ट आपने नहीं डाली... आभारी हूं, कि आप मेरे ब्लौग पर आये.उम्मीद है, जल्दी ही आपके ब्लौग पर कुछ नया मिलेगा.

िकरण राजपुरोिहत िनितला said...

सही कहा आपने ।
पहले मैं से शुरु करेगें तभी बात हम पर से होते हुये हम सब और फिर सारे जहान तक पहुंचेगी ।